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दरगाह शरीफ में रोज़ा इफ्तार का भव्य आयोजन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धर्मगुरुओं ने दिया एकता और शांति का संदेश

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Ajmer / e-Rise News network

अजमेर, 26 मार्च 2025 – ऐतिहासिक दरगाह अजमेर शरीफ में आज एक भव्य रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसकी मेजबानी हाजी सैयद सलमान चिश्ती, गद्दीनशीन दरगाह अजमेर शरीफ और चेयरमैन चिश्ती फाउंडेशन ने की। इस पावन अवसर पर भारत और विश्वभर के प्रतिष्ठित धार्मिक नेता और आध्यात्मिक गुरु एकत्रित हुए, जिन्होंने शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।

राष्ट्रीय अंतरधार्मिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीठाधीश्वर श्री गोस्वामी सुशील जी महाराज, अध्यक्ष भारतीय सर्वधर्म संसद (मुख्यालय – नई दिल्ली) ने किया, उनके साथ श्री ध्रुव जी भी उपस्थित थे।

इसी के साथ, मोहंजी, संस्थापक मोहंजी फाउंडेशन और ACT फाउंडेशन, ने भी अपने यूरोप से आए शिष्य मिस टीया और अमेरिका के ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड पेक के साथ इस आयोजन की शोभा बढ़ाई।

पूर्व यूआईटी चेयरमैन श्री धर्मेश जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

दरगाह अजमेर शरीफ से जनाब सैयद मेहराज चिश्ती, सैयद अमान चिश्ती, सैयद अली जैद चिश्ती, सैयद सेरहान अली चिश्ती तथा सैयद अफशान चिश्ती, (पूर्व सदस्य राजस्थान मदरसा बोर्ड एवं मौलाना आज़ाद फाउंडेशन, नई दिल्ली) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

दरगाह अजमेर शरीफ रोज़ा इफ्तार में 50,000 से अधिक अकीदतमंदों ने एक साथ बैठ कर रोज़ा खोला और सभी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक नेताओं के शांति, एकता और सद्भाव के संदेश की सराहना की।

धर्मगुरुओं के संदेश:

हाजी सैयद सलमान चिश्ती (गद्दीनशीन, दरगाह अजमेर शरीफ):

“दरगाह अजमेर शरीफ सदियों से मानवता को प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देती आई है। आज का यह इफ्तार चिश्ती संदेश – ‘सभी से प्रेम करो, किसी से द्वेष मत रखो’ – को और मजबूत करता है। आइए, हम सभी मिलकर अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ाएं और परस्पर सम्मान और समझ के सेतु बनाएं।”

पीठाधीश्वर श्री गोस्वामी सुशील जी महाराज (अध्यक्ष, भारतीय सर्वधर्म संसद):

“ऐसे आयोजन भारत की आध्यात्मिक एकता को दर्शाते हैं। हम सभी अलग-अलग मार्गों का अनुसरण कर सकते हैं, लेकिन हमारी मंज़िल एक ही है – प्रेम और शांति। अजमेर शरीफ इस सच्चाई का प्रतीक है।”

मोहंजी (संस्थापक, मोहंजी फाउंडेशन और ACT फाउंडेशन):

“सच्ची आध्यात्मिकता धर्म और राष्ट्र की सीमाओं से परे होती है। प्रेम और निःस्वार्थ सेवा की भावना ही हमें जोड़ती है। अजमेर शरीफ का यह इफ्तार इसी एकता की जीवंत मिसाल है।”

प्रो. डेविड पेक (ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी, अमेरिका):

“आस्था और भक्ति को लोगों को जोड़ना चाहिए, न कि उन्हें विभाजित करना। अजमेर शरीफ की मेहमाननवाज़ी और आध्यात्मिक ऊर्जा अंतरधार्मिक संवाद और आपसी सम्मान के लिए प्रेरणा देती है।”

श्री धर्मेश जैन (पूर्व यूआईटी चेयरमैन, अजमेर):

“अजमेर शरीफ सदियों से धर्मों को जोड़ने का कार्य करता आ रहा है। आज का यह इफ्तार हमें आपसी सौहार्द और समावेशी समाज की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।”

इस भव्य इफ्तार ने यह साबित किया कि धार्मिक और आध्यात्मिक नेता एकजुट होकर प्रेम, शांति और परस्पर कल्याण के आदर्शों को आगे बढ़ा सकते हैं।

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